समान विचारधारा वाले दलों को एकजुट होने की जरूरत

Wednesday, October 31st, 2012


लखनऊ (एसएनबी) । कौमी एकता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद अफजाल अंसारी ने कहा कि प्रदेश और पूर्वाचल में सक्रिय छोटे राजनीतिक दल समाज की उपेक्षा, क्षेत्र के पिछड़ेपन और चारों तरफ व्याप्त अन्याय एवं भ्रष्टाचार के विरुद्ध संघर्षरत रहते हुए भी अलग-अलग रहकर बड़ी राजनीतिक पार्टियों को गम्भीर चुनौती नहीं दे पा रहे हैं। इस लिए सामान्य विचार धारा के लोगों को एकजुट होना पड़ेगा। श्री अंसारी भारतीय समाज पार्टी के स्थापना दिवस पर मंगलवार को चौक के ज्योतिबा फूले पार्क में कौमी एकता दल एवं भारतीय समाज पार्टी के तत्वावधान में आयोजित संयुक्त रैली को संबोधित कर रहे थे। इस रैली में कौमी एकता दल, वंचित जमात पार्टी, जनवादी पार्टी भी शामिल थी। रैली में कौमी एकता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व सांसद अफजाल अंसारी व भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर को माला पहनाकर सम्मानित किया गया। बतौर मुख्य अतिथि श्री अंसारी ने कहा कि केन्द्र एवं प्रदेश सरकार के गलत नीतियों की वजह से महंगाई एवं भ्रष्टाचार से आम जनता कराह रही है। रसोई गैस की मूल्य वृद्धि एवं खुदरा व्यापार में विदेशी निवेश की अनुमति देकर केन्द्र सरकार ने किसानों मजदूरों का जहां जीना दूभर कर दिया है वहीं छोटे व्यापारियों की रोजीरोटी और हक मारने का काम किया है। वर्तमान प्रदेश सरकार पर कटाक्ष करते हुए श्री अंसारी ने कहा कि एक तरफ केन्द्र को समर्थन दिया जा रहा है वहीं दूसरी ओर मूल्य वृद्धि का विरोध करने का नाटक कर जनता को बेवकूफ बनाया जा रहा है। पूर्व मायावती सरकार के बारे में कहा कि उस सरकार में थाने एवं तहसीलों में एक-एक दलाल बैठा करते थे जबकि इस सरकार में हर चौराहे पर पांच पांच दलाल सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि कौमी एकता दल की सबसे बड़ी ताकत गरीब जनता है। भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि उनकी पार्टी का जन जागरण रथ यात्रा दो चरणों में सम्पन्न हुई है। उन्होंने कहा कि आजादी मिले 65 वर्ष बीत चुके है परन्तु गरीब लोग अधिकार सम्मान से वंचित है। जिसका उदाहरण 21 प्रतिशत आरक्षण अनुसूचित जाति को आरक्षण 62 वर्षो से मिल रहा है परन्तु इसका लाभ कुछ मजबूत जातियां उठा रही हैं। राजभर ने कहा कि 1990 में मण्डल कमीशन लागू हुआ जिसमें 27 प्रतिशत आरक्षण पिछड़ी जातियों के लिए मिला, लेकिन पिछड़ी जाति के कुछ मजबूत जातियों के लोग इसका लाभ ले रहे है जबकि राजभर, बिन्द, केवट मांझी, मल्लाह, चौहान, लोहार, प्रजापति, नाई, पाल, मौर्य, कुशवाहा आदि जातियां इस आरक्षण से वंचित है। कौमी एकता दल के महासचिव व विधायक शिवगतुल्लाह अंसारी ने कहा कि जब तक देश का किसान खुशहाल नहीं होगा तब तक देश खुशहाल नहीं हो सकेगा। वंचित जमात पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चतर सिंह कश्यप ने कहा कि देश में वोट दिलाने वाले कर्मचारियों को वेतन मिलता है। चुनाव के दिन दुघर्टना हो जाए तो कर्मचारियों को उसका मुआवजा मिलता है, नेता वोट लेकर सांसद, विधायक बनकर दिल्ली व लखनऊ जाता है तो वेतन लेता है तो वोट देने वाले मतदाता को क्यों नहीं दिया जाता है।

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