कौमी एकता दल, भारतीय समाज पार्टी, वंचित समाज पार्टी और जनवादी पार्टी ने संयुक्त रूप से मंगलवार को एक रैली कर लोकसभा चुनाव मिलकर लड़ने और बड़े दलों को चुनौती देने के लिए ताल ठोकी है। रैली में वक्ताओं ने ऐलान किया कि सूबे के विभिन्न अंचलों में अपनी जाति और समाज के मान-सम्मान व हक की लड़ाई लड़ रहे अन्य छोटे दलों को जोड़कर एक मोर्चा बनाया जाएगा। यह मोर्चा लोकसभा चुनाव में बड़े दलों का विकल्प साबित होगा।
भारतीय समाज पार्टी के 10वें स्थापना दिवस के मौके पर चौक स्थित ज्योतिबा फुले मैदान में इन चारों दलों के कार्यकर्ता एक साथ जुटे। कौमी एकता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष अफजल अंसारी से लेकर भासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर, वंचित समाज पार्टी के अध्यक्ष चतर सिंह कश्यप और जनवादी पार्टी के ओम प्रकाश चौहान ने सभी सीटों पर चुनाव लड़ने का संकल्प लिया। साथ ही प्रदेश व केंद्र सरकार को जनविरोधी करार दिया। नेताओं ने बसपा पर भी खूब तीर छोड़े।
अंसारी ने कहा कि करीब आधा दर्जन छोटे दलों से बात चल रही है। अगले दो महीने में एक मोर्चा बनेगा जो जनता को एक ठोस विकल्प देगा। ओम प्रकाश राजभर ने पिछड़ों में अति पिछड़े और दलितों में अति दलितों का मुद्दा उठाते हुए उनके लिए अलग से आरक्षण की मांग उठाई। ओमप्रकाश चौहान ने कहा, यदि 2009 में सभी दल एक होते तो पिछड़ों, दलितों को उनका हक मिल गया होता।
रैली में राष्ट्रीय व राज्य में होने वाले चुनावों की मतदाता सूची एक किए जाने और मतदान का तरीका एक (ईवीएम से या बैलेट पेपर से)करने, आर्थिक आधार पर आरक्षण दिए जाने की मांग सहित 20 प्रस्ताव पास किए गए। मंच पर वेलफेयर पार्टी के मोर्चे में शामिल होने की घोषणा की गई।
प्रमुख मांगें
• बेरोजगारी भत्ता के लिए युवाओं के लिए उम्र की शर्त संशोधित कर 21 वर्ष के युवाओं को शामिल किया जाए
• हर जिले में कम से कम 1000 किसानों को पंपिंग सेट कनेक्शन लेने में छूट दी जाए
• प्रदेश सरकार वादे के मुताबिक अल्पसंख्यकों को 18 प्रतिशत आरक्षण दे
•
सत्ता का दुरुपयोग रोका जाए और विपक्षी दलों के नेताओं-कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न रुके
• निमेष कमीशन की रिपोर्ट को सार्वजनिक कर उसे लागू किया जाए
• प्रदेश में वैट व्यवस्था समाप्त की जाए
•मिलकर लड़ेंगे लोकसभा चुनाव
•मोर्चे में शामिल होंगे कई और छोटे दल
बड़ों को टक्कर देगा छोटे दलों का मोर्चा
कौमी एकता दल, भारतीय समाज पार्टी, वंचित समाज पार्टी और जनवादी पार्टी ने संयुक्त रूप से मंगलवार को एक रैली कर लोकसभा चुनाव मिलकर लड़ने और बड़े दलों को चुनौती देने के लिए ताल ठोकी है। रैली में वक्ताओं ने ऐलान किया कि सूबे के विभिन्न अंचलों में अपनी जाति और समाज के मान-सम्मान व हक की लड़ाई लड़ रहे अन्य छोटे दलों को जोड़कर एक मोर्चा बनाया जाएगा। यह मोर्चा लोकसभा चुनाव में बड़े दलों का विकल्प साबित होगा।
भारतीय समाज पार्टी के 10वें स्थापना दिवस के मौके पर चौक स्थित ज्योतिबा फुले मैदान में इन चारों दलों के कार्यकर्ता एक साथ जुटे। कौमी एकता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष अफजल अंसारी से लेकर भासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर, वंचित समाज पार्टी के अध्यक्ष चतर सिंह कश्यप और जनवादी पार्टी के ओम प्रकाश चौहान ने सभी सीटों पर चुनाव लड़ने का संकल्प लिया। साथ ही प्रदेश व केंद्र सरकार को जनविरोधी करार दिया। नेताओं ने बसपा पर भी खूब तीर छोड़े।
अंसारी ने कहा कि करीब आधा दर्जन छोटे दलों से बात चल रही है। अगले दो महीने में एक मोर्चा बनेगा जो जनता को एक ठोस विकल्प देगा। ओम प्रकाश राजभर ने पिछड़ों में अति पिछड़े और दलितों में अति दलितों का मुद्दा उठाते हुए उनके लिए अलग से आरक्षण की मांग उठाई। ओमप्रकाश चौहान ने कहा, यदि 2009 में सभी दल एक होते तो पिछड़ों, दलितों को उनका हक मिल गया होता।
रैली में राष्ट्रीय व राज्य में होने वाले चुनावों की मतदाता सूची एक किए जाने और मतदान का तरीका एक (ईवीएम से या बैलेट पेपर से)करने, आर्थिक आधार पर आरक्षण दिए जाने की मांग सहित 20 प्रस्ताव पास किए गए। मंच पर वेलफेयर पार्टी के मोर्चे में शामिल होने की घोषणा की गई।
प्रमुख मांगें
• बेरोजगारी भत्ता के लिए युवाओं के लिए उम्र की शर्त संशोधित कर 21 वर्ष के युवाओं को शामिल किया जाए
• हर जिले में कम से कम 1000 किसानों को पंपिंग सेट कनेक्शन लेने में छूट दी जाए
• प्रदेश सरकार वादे के मुताबिक अल्पसंख्यकों को 18 प्रतिशत आरक्षण दे
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सत्ता का दुरुपयोग रोका जाए और विपक्षी दलों के नेताओं-कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न रुके
• निमेष कमीशन की रिपोर्ट को सार्वजनिक कर उसे लागू किया जाए
• प्रदेश में वैट व्यवस्था समाप्त की जाए
•मिलकर लड़ेंगे लोकसभा चुनाव
•मोर्चे में शामिल होंगे कई और छोटे दल
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