लखनऊ में क़ौमी एकता दल एवं भारतीय समाज पार्टी द्वारा आयोजित संयुक्त रैली

Tuesday, October 30th, 2012

क़ौमी एकता दल एवं भारतीय समाज पार्टी के कार्यकत्र्ताओं की संयुक्त रैली का यादगार बना लखनऊ का ज्योतिबा फूले प्रेक्षागृह चैक का मैदान जहाँ प्रदेश के भिन्न-भिन्न जिलों से आये हुये जन समुदाय का सैलाब दिख रहा था। पूरा प्रागंड़ भरा था, क़ौमी एकता दल के हरे तथा भारतीय समाज पार्टी के पीले झंडो से भीड़ का आलम ऐसा था कि कार्यक्रम के समाप्ति तक लोगों के आनेे का क्रम टूटता नहीं दिख रहा था। आज लखनऊ की सड़के अस्त-व्यस्त थी, बाहर से आने वाले जन सैलाब की वजह से। इन दलों की पूर्वान्चल में तो कई बड़ी-बड़ी रैलिया हुई थी। मसलन बनारस के बैनियाबाग के मैदान में, गाज़ीपुर के लंका मैदान में, मऊ, बलिया, एवं आजमगढ़ के मैदानों में, लेकिन प्रदेश की राजधानी लखनऊ में इनकी यह पहली रैली थी। पहली ही रैली में अपनी अमिट छाप छोड़ी। लखनऊ धरती पर अपनी जमींनी हकीकत का एहसास कराया क़ौमी एकता दल एवं भारतीय समाज पार्टी के कार्यकत्र्ताओं ने। सुबह से ताता लगा था लोगों के आने का। पूर्वान्चल से आने वाली ट्रेने खचाखच भरी थी हरे-पीले झंडे वाले लोगों से।
यह कार्यकत्र्ताओं का संयुक्त सम्मेलन जो अपने आप महारैली का रूप ले चुका था उसके मुख्य अतिथि थे क़ौमी एकता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व सांसद श्री अफजाल अंसारी। श्री अंसारी ने रैली को सम्बोधित करते हुये कहा कि केन्द्र एवं प्रदेश सरकार के गलत आर्थिक नीतियों की वजह से मँहगाई एवं भ्रष्टाचार से आम जनता कराह रही है। रसोई गैस की मूल्य वृद्धि एवं खुदरा व्यापार में विदेशी निवेश की अनुमति देकर केन्द्र सरकार ने किसानों, मजदूरों का जहां जीना दुर्भर कर दिया है। वहीं छोटे व्यापारियों की रोजी-रोटी और हक़ मारने का काम किया है। उन्होेंने कहा कि एक तरफ जहाँ सपा केन्द्र को समर्थन दे रही है वहीं दूसरी तरफ मूल्य वृद्धि का विरोध करने का नाटक कर जनता को बेवकूफ बना रही है। सपा के मुखिया मुलायम सिंह यादव अपने बेटे को बिना परीक्षा दिये ही 100 में 100 नम्बर देकर क्या साबित करना चाहते है? पिछली मायावती सरकार में थाने एवं तहसील में एक-एक दलाल बैठा करते थे जबकि इस सरकार में हर चैराहें पर 5-5 दलाल खड़े दिखाई पड़ते है। उन्होंने पुनः कहा कि मेरी ताकत गरीब रहे है, गरीबों पर जुल्म हुआ तो कभी उन्होंने उनकी जाति नहीं पूछी और आगे आकर उनकी मदद की। उन्होंने पुनः कहा कि क़ौमी एकता दल का यह मानना है कि प्रदेश और पूर्वांचल में सक्रिय छोटे राजनैतिक दल समाज की उपेक्षा, क्षेत्र के पिछड़ेपन और चारों तरफ व्याप्त अन्याय एवं भ्रष्टाचार के विरूद्ध संघर्षरत रहते हुए भी अलग-अलग रहकर इन साधन सम्पन्न बड़ी-बड़ी राजनैतिक पार्टियों को गम्भीर चुनौती नहीं दे पा रहे है। इसलिये वक्त की जरूरत की मुताबिक सामान्य विचारधारा के लोगों को एकजुट होना पड़ेगा। इसी कड़ी में आज की विशाल रैली में हमारे प्रमुख सहयोगी दल भारतीय समाज पार्टी के अलावा वंचित जमात पार्टी एवं जनवादी पार्टी की सहभागिता हो रही है। हमारा प्रयास है कि तमाम समान विचारधारा के छोटे दल जिन्होंने अपने समाज को अलग-अलग बैनर तले एकत्रित कर रखा है, एक मंच पर एकत्र होकर देश और प्रदेश की राजनीति में एक ठोस विकल्प प्रस्तुत करें। श्री अंसारी ने कार्यकत्र्ताओं के समक्ष निम्नलिखित प्रस्ताव प्रस्तुत किये –
1. बेरोजगारी सत्ता के मानक को संशोधित करते हुए 21 वर्ष की अवस्था के युवाओं को इसमें शामिल किया जाये। यही चुनाव पूर्व मा0 मुलायम सिंह यादव जी का वादा भी था।
2. प्रदेश के अधिकांश किसान सहकारी समितियों से प्रायः बीज एवं खाद लेते हैं किसानों से 50,000रु0 कर्जमाफी का जो वादा किया गया था उसके सम्बन्ध में किसान सरकार का वादा पूरा करने का इन्तजार करते-करते आर.सी. कट जाने की स्थिति से बचने के लिये स्थानीय सूदखोरों से सूद पर पैसा लेकर अपने सोसायटी के कर्ज की अदायगी कर रहे हैं। जिसके कारण उनमें भारी निराशा और असंतोष व्याप्त है इसलिए अनुरोध है कि सरकार किसानों से किया गया अपना वादा पूरा करे।
3. प्रत्येक वर्ष बिजली विभाग द्वारा कुछ किसानों को एम्पिंग सेट कनेक्शन लेने हेतु छूट पार पोल, तार और ट्रान्सफार्मर मुहैय्या कराया जाता रहा है। हमारी मांग है कि इस वर्ष प्रत्येक जनपद में कम से कम 1000 किसानों को बिजली कनेक्शन देने में छूट देने की व्यवस्था भी प्रदान की जाय और 5 एच.पी. तक का बिजली कनेक्शन किसानों को मुफ्त दिये जाने वाले वादे को तत्काल पूरा किया जाय।
4. अल्पसंख्यकों को केन्द्र सरकार की 4.5 प्रतिशत आरक्षण की घोषणा के क्रम में माननीय मुलायम सिंह यादव जी ने इसे अपर्याप्त मानते हुए 18 प्रतिशत लाभ देने का वादा किया था हमारी मांग है कि सच्चर कमेटी की रिपोर्ट और रंगनाथ मिश्रा की सिफारिश को व्यवहारिक रूप से लागू करते हुए 18 प्रतिशत आरक्षण के वादे को लागू किया जाय।
5. खुली कब्रिस्तान परिसर में तमाम तरह के अपवित्र जानवरों के प्रवेश से अल्पसंख्यकों की भावना आहत् होती है। अपवित्र जानवरों के प्रवेश और कब्रिस्तान को अतिक्रमण से बचाने हेतु चहारदीवारी का निर्माण कराये जाने के वादे को तत्काल पूरा किया जाय।
6. प्रदेश के अति पिछड़ी जातियों में राजभर, बिन्द, मल्लाह, कवेट, माझी, लोहार, कुम्हार, गौड़, खरवार आदि जातियों को अनुसूचित जाति का दर्जा देने का वादा चुनाव के पूर्व किया गया था। विदित हो कि गौड़, खरवार आति जातियों को तो पहले समाजवादी पार्टी के शासन में ही तहसीलों से अनुसूचित जाति के प्रमाण-पत्र निर्गत किये जाते रहे हैं उन्हें भी अब ये प्रमाण-पत्र जारी नहीं किया जा रहा है। इसलिये तत्काल इस सम्बन्ध में सरकार अपना किया गया वादा पूरा करे।
7. बदले की भावना से विपक्षी ग्राम प्रधानों, ब्लाक प्रमुखों, जिला पंचायत सदस्यों व अध्यक्षों तथा राशन के दुकानदारों, व्यापारियों का उत्पीड़न छुटभैय्या नेताओं द्वारा किया जा रहा है। जिसके कारण सरकार की बदनामी हो रही है। हमारी मांग है कि इस तरह के किये जा रहे सत्ता के दुरूपयोग को रोका जाय।
8. पिछली सरकार के कार्यकाल में बड़े पैमाने पर फर्जी मुकदमों में बेगुनाहों को फंसाया गया और विशेष कर मुसलमानों को बदनाम करने के लिए झूठे मुकदमें कायम किये गये सैकड़ों बेगुनाह जेलों में सड़ रहे है। हमारी मांग है कि निमेश कमीशन की रिपोर्ट सरकार तत्काल सार्वजनिक करें और बेगुनाहों को छोड़ा जाय, झूठे मुकदमें वापस लिये जाय।
9. घड़रोज (वनरोज) और बंदर को संरक्षित प्रजाति से हटाकर शत्रु प्रजाति की श्रेणी में सरकार द्वारा घोषित किया जा चुका है इनके द्वारा किसानों के फसलों को भारी क्षति पहुंच रही है और ये हिंसक रूप धारण करके हमलावर हो रहे हैं इसलिए जिला प्रशासन इनको नष्ट करने का समयबद्ध प्रबन्ध करे एवं इसके लिए आवश्यक हो तो शास्त्र लाइसेंस धारकों से सहयोग लिया जाये इसी क्रम में पूर्व में जो शासनादेश निर्गत किये गये हैं उसकी प्रति प्रत्येक थाने, पुलिस चैकी और ग्राम प्रधानों तथा जन प्रतिनिधियों को भी उपलब्ध कराया जाये जिससे भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो सके।
10. बुनकरों के समक्ष संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है कच्चे माल की भारी कीमत चुकाने के बाद उत्पादन का बाज़ार भाव बहुत कम है। बिजली की दुर्दशा के चलते बुनकर कर्ज के बोझ में दबता चला जा रहा है। चुनाव के समय माननीय मुलायम सिंह जी ने बुनकरों का एक लाख रुपये तक की कर्जमाफी की घोषणा की थी कृपया इस वादे को पूरा किया जाये अन्यथा बुनकरों के सामने भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो जायेगी।
11. उत्तर प्रदेश में वैट व्यवस्था समाप्त कर देने की घोषणा की गई थी किन्तु इस दिशा में सरकार की ओर से अब तक कोई शुरूआत नहीं की गई है जिसके कारण व्यापारियों में निराशा एवं असंतोष व्याप्त है। अनुरोध है कि वादा निभाने की दिशा में सार्थक पहल की जाये और व्यापारियों पर हो रहे आये दिन हमले की घटनाओं के बीच दूसरी तरफ इंस्पेक्टर राज के माध्यम से व्यापारियों से की जा रही अवैध वसूली और उत्पीड़न की घटनाओं पर तत्काल रोक लगा दी जाये।
12. असहाय, वृद्धों विधवाओं एवं विकलांगों की स्वीकृति पेंशन के भुगतान में रूकावट के चलते गरीबों में हताशा व्याप्त है और कई वर्ष से उन गरीबों की पेंशन रूकी हुई है। बहाना बनाया जाता है कि पेंशनधारी के जीवित होने की सत्यापन की रिपोर्ट उपलब्ध नहीं है। बेचारा गरीब असहाय पेंशन धारक ब्लाक और तहसील का चक्कर काटता रहता है उस गरीब को स्वयं के जीवित होने का सत्यापन कराने हेतु 1000 रु0 की रिश्वत देनी पड़ती है। जो अधिकांश लोगों के बस की बात नहीं है। इसलिए इस संवेदनशील विषय पर यह नीति निर्धारित की जाये कि सत्यापन की प्रक्रिया सम्बन्धित विभाग तहसील एवं ब्लाक के अधिकारी एक निश्चित समय सीमा में स्वयं कराकर स्थिति से अवगत होगें। और पेंशन धारक के भुगतान को किसी भी अवस्था में 6 महीने से अधिक अवधि तक टाला नहीं जायेगा तथा जिन पात्र लोगों की अब तक पेंशन स्वीकृत ही नहीं की गई है उनकी पेंशन स्वीकृत करने हेतु प्रत्येक न्याय पंचायत स्तर पर कैम्प आयोजित करके औपचारिकताएं पूरी की जाय तथा उन्हें पेंशन स्वीकृत की जाय।
13. जिन ग्राम सभाओं में बंजर, परती, नवीन परती के खाते में जमीन उपलब्ध हैं वहां आर्थिक आधार को मानक बनाकर गरीबों को भूमि आवंटित की जाये और जहां इन खातों में भूमि उपलब्ध नहीं है वहां सरकारी कोष से भूमि क्रय करके जिन गरीबों के पास बसने के लिए भूमि नही है उन्हें भूमि आवंटित किया जाये।
14. पूर्वांचल के साथ सरकार सौतेला व्यवहार करती रही है, बिजली पूर्वांचल में पैदा होती है किन्तु नोएडा, गाजियाबाद, ईटावा, मैनपुरी, रायबरेली, अमेठी को 24 घण्टे सप्लाई मिलती है और पूर्वांचल के किसान और आम जनता बिजली के बिना तड़पती रहती है। हमारी मांग है कि पूर्वांचल के विकास को विशेष प्राथमिकता दी जाय।
15. जिस प्रकार अनुसूचित जाति में गरीब परिवार की बेटियों की शादी हेतु सरकार द्वारा शत प्रतिशत आवेदन के अनुसार अनुदान स्वीकृत किया जाता है। उसी प्रकार अल्पसंख्यकों और प्रत्येक जाति के गरीब परिवारों की बेटियों की शादी के लिए भी शत प्रतिशत आवेदन के अनुसार मंहगाई को दृष्टि में रखकर 50,000 रु0 शादी अनुदान की व्यवस्था की जाय।
16. जनगणना कार्य में लगाये गये कर्मचारी जरूरत से ज्यादा लापरवाही और नासमझी से कार्य कर रहे है। इस कार्य के महत्व और इनकी कार्य पद्धति को देखकर ऐसा अभ्यास हो रहा है कि देश में जनगणना कराने का मकसद आजादी के 65 वर्ष बीत जाने के बाद भी आम जनता क्या समझेगी जब कार्य को खानापूर्ति के रूप में अंजाम दिया जायेगा। हमारी मांग है कि लापरवाही से की जा रही इस जन गणना की प्रक्रिया को तत्काल रोककर इसमें लगाये गये कर्मचारियों को पहले इसकी गम्भीरता, कार्यपद्धति से अवगत कराकर फिर से समुचित टेªनिंग दी जाय।
17. बी.पी.एल. एवं अन्त्योदय कार्डधारकों के परिवारों को रोग के इलाज के लिए स्मार्ट कार्ड उपलब्ध कराने की व्यवस्था पूरी तहर ध्वस्त हो चुकी है। गत वर्ष ठेकेदारों द्वारा जो कार्ड बनाये गये उसका वितरण ज्यादातर लाभार्थियों को नही कराया जा सका। जिन्हें प्राप्त भी हुआ वह 2012 में ही समाप्त हो गया। अब नया कार्ड बनना और उसका वितरण कराना 6 महीना बीत जाने के बाद भी प्रारम्भ नही हो सका। आज इलाज के अभाव में गरीब दवा के बगैर मर रहा है और सरकारें इन महत्वपूर्ण योजनाओं का विज्ञापन जारी करके अपनी पीठ स्वयं थपथपा रही है। कृपया इस समस्या का समाधान कारक परिमार्जन निकाला जाय।
18. ग्रामीण स्वास्थ योजना का पैसा पिछली सरकार में भ्रष्ट मंत्री और अधिकारी तथा दलाल खा गये। केन्द्र सरकार के इस पैसे से योजना का संचालन अब प्रदेश सरकार किस प्रकार कर रही है। इसका अंदाजा इस बात से लग जाता है कि 6 महीना बीतने के बाद भी संविदा पर रखे जाने वाले कर्मचारियों की नियुक्ति में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और सरकारी तंत्र का दुरूपयोग किया गया है। स्वभाविक है कि जब घूस देकर कर्मचारी भर्ती होगा तो उससे व्यवहारिक कार्य में ईमानदारी की अपेक्षा नही की जा सकती है। इसलिए बेईमानी से जा रही इन नियुक्तियों की गहराई से जांच करायी जाय।
19. केन्द्र सरकार की जन विरोधी नीतियों के चलते मंहगाई और भ्रष्टाचार चरम पर पहुँच चुका है ऐसी स्थिति में सड़क पर विरोध और सदन में समर्थन की नीति आम जनता की समझ से परे है। क़ौमी एकता दल की मांग है कि समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी केन्द्र सरकार के विरोध का दिखावा सड़क पर बन्द करें या फिर सदन में इस सरकार से समर्थन वापस ले। केन्द्र सरकार मंहगाई पर नियंत्रण करने में विफल रही है तथा भ्रष्टाचार का पर्याप्त बन गई है डीजल एवं रसोई गैस के दामों में की गई बेतहाशा वृद्धि को तत्काल वापस लिया जाय।
20. हमारे देश में जहां एक तरफ भारत निर्वाचन आयोग की मतदाता सूची जिसके तहत लोकसभा और विधानसभा के चुनाव वोटर मशीन के प्रयोग से सम्पन्न करायें जाते हैं वही दूसरी तरफ राज्य निर्वाचन आयोग की मतदाता सूची के तहत पंचायतों एवं स्थानीय निकायों के चुनाव बैलेट पेपर एवं मुहर के माध्यम से सम्पन्न कराये जाते है। दो प्रकार की अलग-अलग मतदाता सूची और भिन्न-भिन्न मतदान प्रक्रिया के कारण आम मतदाताओं खासकर कम पढ़े-लिखे लोग एवं महिलाओं को बहुत कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है। इसलिये राज्य एवं केन्द्र सरकार दोनों निर्वाचन आयोगों से सामंजस्य बनाकर देश में एक मतदाता सूची और एक मतदान प्रक्रिया लागू करने की पहल प्रारम्भ की जाय।
किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पा रही है, बिजली को भयंकर कटौती और दुव्र्यवस्था के चलते सिंचाई बाधित है, बाजार में नकली खाद और कीटनाशक दवाओं की धड़ल्ले से बिक्री जारी है, कालाबाजारी और मिलावट के चलते बीमारियों का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। पिछली सरकार की व्यवस्था की भांति प्रशासनिक मशीनरी अब भी भ्रष्टाचार में लिप्त है। दलालों को माध्यम बनाये बगैर थाना, तहसील, ब्लाक आदि सरकारी कार्यालयों में सरकार की योजना का लाभ प्राप्त कर पाना आम आदमी के लिए जटिल और कठिन हो गया है। अपराधियों के दिल से पुलिस का खौफ समाप्त हो गया है जिसका परिणाम है कि हत्या, रहजनी, बलात्कार, अपहरण और व्यापारियों से लूट का सिलसिला लगातार जारी है। कर्मठ एवं योग्य अधिकार/कर्मचारी सहमें हुए हैं क्योंकि एक तरफ निष्पक्ष काम करने में उन्हें राजनैतिक दखलअंदाजी का सामना करना पड़ रहा है तो दूसरी तरफ अपनी कुर्सी बचाये रखने का भय उनके मनोबल को गिरा रहा है। ऐसी परिस्थिति में क़ौमी एकता दल और भारतीय समाज पार्टी उत्तर प्रदेश के युवा मुख्यमंत्री माननीय अखिलेश यादव, के समक्ष उपयुक्त प्रस्तावों को प्रस्तुत करते हुए यह चेतावनी दे रहे है कि अब सरकार के काम-काज की परीक्षा की कापी परीक्षक की हैसियत से जनता द्वारा जांच कर नम्बर देने का समय आ गया है। इसलिए इन महत्वपूर्ण बिन्दुओं की समीक्षा करके प्रदेश की जनता के साथ न्याय करें।
संयुक्त कार्यकत्र्ता सम्मेलन की अध्यक्षता किया भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री ओम प्रकाश राजभर ने। श्री राजभर ने कार्यकत्र्ताओं को सम्बोधित करते हुए अपने जन जागरण रथयात्रा का विस्तृत विवरण दिया। उनकी पार्टी का जन जागरण रथयात्रा दो चरणों में सम्पन्न हुई, एक का नेतृत्व उन्होंने स्वयं किया जो सुहेलदेव पार्क सारनाथ, वाराणसी से आरम्भ होकर वाराणसी, चन्दौली, गाज़ीपुर, बलिया, मऊ, आजमगढ़, जौनपुर, सुल्तानपुर, अम्बेडकरनगर, फैजाबाद, बाराबंकी होते हुए लखनऊ के इस ऐतिहासिक महारैली में पहुँचा हूँ, दूसरी रथयात्रा प्रदेश कार्यालय रसड़ा बलिया से निकली जिसका नेतृत्व महेन्द्र राजभर एवं अरविन्द राजभर ने किया। यह रथयात्रा बलिया, देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज, गौरखपुर, सिद्धार्थनगर, संतकबीरनगर, बस्ती, बहराइच, बलरामपुर, श्रावस्ती, पीलीभीत, लखीमपुर, सीतापुर, बाराबंकी होते हुए लखनऊ इस मैदान में पहुँची है।
इन यात्राओं में हमने सदूर गाँव में बसे लोगों से सम्पर्क किया उनकी समस्याओं को जानने का प्रयास किया। इस महारैली के माध्यम सोयी हुई प्रदेश एवं केन्द्र सरकार को जगा रहा हूँ, चेता रहा हूँ। अगर नहीं चेते, अगर नहीं जगे एवं गरीबों की समस्याओं का समाधान नहीं किया तो- सिंहासन खाली करो जनता आती है। उन्होंने कहा मेरा लक्ष्य एम.एल.ए, एम.पी. बनना नहीं है मेरा लक्ष्य समाज के सबसे पिछड़े वर्ग व वंचित जातियों को उनका हक दिलाकर समाज की मुख्य धारा में लाना हैै। उन्होंने प्रदेश के अति पिछड़ी जातियों में राजभर, बिन, मल्लाह, केवट माझी, लोहार, कुम्हार, गौड़ खरवार आदि जातियों को अनुसूचित जाति का दर्जा दिये जाने की मांग की। कोवैद के महा सचिव विधान सभा सदस्य श्री शिवतुल्ला अंसारी ने कहा कि जब तक देश का किसान खुशहाल नहीं होगा तब तक देश कभी खुशहाल नहीं हो सकेगा।
वंचित जमात पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री चतर सिंह कश्यप ने आगामी होने वाले लोक सभा चुनावों में वोटो का बिखराव रोकने की अपील की तथा एकजुट होकर जनता की समस्याओं के निराकरण हेतु अपने समर्थकों से संघर्ष करने को कहा। जनवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री ओम प्रकाश चैहान ने चुनाव पूर्व माननीय मुलायम सिंह यादव जी द्वारा किये हुए वादों को गिनाया तथा अभी तक उन पर कोई ठोस कार्यवाही नहीं होने पर असंतोश जताया तथा सरकार को शीघ्रातिशीघ्र समस्याओं के निराकरण हेतु ठोस कदम उठाने के लिए कहा। इसके अतिरिक्त रैली को क़ौमी एकता दल के प्रवक्ता श्री शिव कुमार राय तथा मुख्य महासचिव शम्भू सिंह अकेला, भारतीय समाज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र राजभर, अरविन्द राजभर, शिवबली राजभर, क़ौमी एकता दल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अतहर जमाल लारी, जिला पंचायत सदस्य राधे मोहन यादव तथा वीरेन्द्र यादव, रामायण सिंह, शारदानन्द राय, बलिराम पटेल, जय गोविन्द राय, कामता राम, गामाराम, मनोज बाबा, मुन्नन यादव आदि ने सम्बोधित किया। कार्यक्रम का संचालन क़ौमी एकता दल के प्रदेश अध्यक्ष श्री मिसबाहुद्दीन अहमद ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन लखनऊ जिला अध्यक्ष डाॅ. शहजाद ने किया।

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